हैलो दोस्तों कैसे हैं आप उम्मीद करती हूं आप सब अच्छे और स्वस्थ होंगे।
thebetterlives.com में आपका स्वागत है मैं हूं आपकी दोस्त पुष्पा डाबोदिया मै आपके लिए लेकर आई हूं एक खास जानकारी जो आपके लिए है बेहद जरूरी और इंटरेस्टिंग।
तो चलिए देखते हैं क्या है आज के लिए खास:
दोस्तों आज हम आपके लिए लेकर आए हैं।
एक बहुत ही खास जानकारी दोस्तों आज हम आपको बताने वाले हैं जिसके बारे में शायद ही आपको पता होगा।
दोस्तों आज मैं आपको बताऊंगी कि व्रत में खाया जाने वाला साबूदाना शाकाहार है या मांसाहार?
जी हां दोस्तों यही है हमारा आज का टॉपिक और इसी विषय में आज हम विस्तार से जानेंगे
व्रत में खाया जाने वाला साबूदाना मांसाहारी है जानये इसका पूरा सच:
दोस्तों व्रत में हर घर में साबूदाना खाना सामान्य बात है कोई साबूदाने का हलवा बनाकर खाता है तो कोई साबूदाने की खीर बनाकर खाता है। कोई-कोई तो साबूदाने की रोटी भी बना कर खाते हैं और कई जगह तो इसे प्रसाद के तौर पर भी चढ़ाया जाता है।
लेकिन अगर आपको यह पता चले कि आपके द्वारा खाया जाने वाला साबूदाना शाकाहारी नहीं बल्कि मांसाहारी है तो आप क्या सोचेंगे यकीन मानिए यह सच है।
दोस्तों आप के व्रत में खाया जाने वाला साबूदाना मांसाहारी है।अगर आपको हमारी बातों पर विश्वास नहीं हो रहा तो आप इस पोस्ट को पूरा पढ़िए सच्चाई आपके सामने आ जाएगी।
इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि साबूदाना कैसे बनाया जाता है यह सब जानकर आप भी सोच में पड़ जाएंगे और शायद साबूदाना खाना छोड़ ही देंगे। तो आइए दोस्तों जानते हैं कैसे बनाया जाता है साबूदाना?
लड्डू, हलवा ,खिचड़ी आदि साबूदाना से कई तरह के व्यंजन बनाए जाते हैं। इसका उपयोग खासतौर से व्रत उपवास में किया जाता है।
फलों की गणना में अधिकतर व्रत उपवास करने वाले लोग साबूदाना ही खाते हैं। लेकिन एक बार अगर आप साबूदाना बनने की प्रक्रिया को जान जाएंगे तो आपके मन में भी यह सवाल जरूर उठेगा कि क्या साबूदाना सच में मांसाहारी है? या फिर यह फलाहारी है।
कहीं साबूदाना खाने से व्रत टूट तो नहीं जाता?
शुरुआती तौर पर देखें तो साबूदाना पूरी तरह से प्रकृति वनस्पति है।
क्योंकि यह साबूदाना किसी अनाज से नहीं बनता है, बल्कि यह सागो पाम नामक पेड़ के तने के गूदे से बनता है। सागो, ताड़ की तरह का एक पेड़ होता है। ये मूलरूप से पूर्वी अफ्रीका का पौधा है। इस पेड़ का तना मोटा हो जाता है और इसके बीच के हिस्से को पीसकर पाउडर बनाया जाता हैं और उस पाउडर से साबूदाना तैयार किया जाता है।
लेकिन बाजार में मिलने वाले साबूदाने के निर्माण कि जो पूरी प्रक्रिया है उसके बाद यह कहना गलत हो जाता है कि साबूदाना फलाहार है।
क्योंकि इसके निर्माण प्रक्रिया में साबूदाना मांसाहारी हो जाता है। खासकर वह साबूदाना जो तमिलनाडु और बड़ी-बडी फैक्ट्रियों में बनते हैं।
दरअसल तमिलनाडु में बड़े पैमाने पर सागो पाम के पेड़ हैं।
इसलिए तमिलनाडु देश में सबसे बड़ा साबूदाना का स्त्रोत माना गया है। वहां पर साबूदाना बनाने की बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां लगी हुई है।
और यही बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां साबूदाना को मांसाहार बनाती है। फैक्ट्रियों में सागो पाम की जड़ों को इकट्ठा करके उसके गुददे से साबूदाने को बनाया जाता है। इन गुंददो से साबूदाना बनाने के लिए इन गुद्दों को 1 महीने तक बड़े-बड़े गड्ढों में सड़ाया जाता है।
इन गड्ढों की सबसे बड़ी खास बात यह है कि यह पूरी तरह से खुले होते हैं। और गड्ढों के खुले होने की वजह से उनके ऊपर लगी हुई लाइट की वजह से इन गड्ढों में कई तरह के कीड़े मकोड़े जीते रहते हैं। और साथ ही इन सड़े हुए गड्ढों में सफेद रंग के सूक्ष्म जीव भी पैदा होते रहते हैं।
अब इस गुद्दे को बिना सूक्ष्मजीवों और कीड़े मकोड़ों से अलग किये पैरों से मसला जाता है। जिससे सारे सूक्ष्म जीव और कीड़े मकोड़े उसमें अच्छी तरह से मिल जाते हैं।
अब उस मसले हुए गुद्दे को आटे की तरह तैयार किया जाता है।
अब इसे मशीनों की सहायता से छोटे छोटे दाने यानी कि साबूदाना के रूप में तैयार किया जाता है। और उसके बाद इसकी पॉलिश की जाती है पोलिस करके इसको बिल्कुल सफेद बना दिया जाता है।
अब आप ही सोचिए और बताइए क्या यह निर्माण प्रक्रिया सही है? क्या अब भी आप मानते हैं कि इस तरह आपके व्रत और उपवास में फलाहार की जगह प्रयोग किया जाने वाला साबूदाना कीट पतंगों समेत शाकाहारी है?
दोस्तों यह थी हमारी आज की जानकारी क्या आपको हमारी जानकारी अच्छी लगी है। उम्मीद करती हूं आपको जरूर कुछ नया सीखने को मिला होगा साबूदाने के बारे में थैंक यू।
दोस्तों आज के लेख में बस इतना ही उम्मीद करती हूं मेरी आज की जानकारी आपको बेहद पसंद आई होगी।
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मैं लेकर आती हूं आपके लिए अच्छी-अच्छी जानकारी जो आपके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है।
तो मिलते हैं ऐसी ही एक और नई जानकारी के साथ तब तक के लिए अपना और अपने परिवार का ख्याल रखें अपने चारों तरफ सफाई का विशेष ध्यान रखें।
दोस्तों आजकल मच्छर बहुत ज्यादा हो गए हैं और डेंगू बुखार बहुत तेजी से फैल रहा है इसलिए अपने बच्चों को बचा कर रखें अपने बड़ों का अपने परिवार का ख्याल रखें।
धन्यवाद।
आपकी दोस्त पुष्पा डाबोदिया।
Thank you
जवाब देंहटाएंजी आपका भी बहुत-बहुत धन्यवाद इस लेख को शेयर कर देंगे तो मैं आपकी बहुत-बहुत आभारी रहूंगी।
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